आज के एपिसोड में अक्षरा और अभीर घर से बाहर चले जाते है। सुरेखा और सुहासिनी अक्षरा के लिए रोती है। कायरव और मुस्कान अक्षरा को जाने से रोकने की कोशिश करते है। कायरव अक्षरा के साथ जाने की जिद पर अड जाता है। अक्षरा कायरव और मुस्कान को घर वापस जाने के लिए कहती है। वह जाने की ज़िद पर अड जाती है। कायरव कहता है कि अगर वह चली गई तो कोई भी खुश नही होगा। अक्षरा कहती है कि रूही खुश होगी। वह रूही की खातिर दूर जाने का फैसला करती है। मुस्कान और कैरव आश्वासन देते है कि वे रूही को अपने बच्चे की तरह पालेगे। वह रूही की वजह से अक्षरा को न जाने के लिए कहती है। अक्षरा कहती है कि वह नहीं चाहती कि रूही का बचपन दुखदायी हो। वह कायरव और मुस्कान को रूही पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहती है। कायरव अक्षरा को जाने देने का फैसला करता है। उन्हे उम्मीद है कि अक्षरा घर में वापस आएंगी।अक्षरा कायरव से कहती है कि वह कभी भी रूही के सामने उसका नाम न ले। कायरव अक्षरा से पूछता है कि क्या उसने हर फैसला लेने का फैसला कर लिया है। अक्षरा कायरव से वादा करने के लिए कहती है। कायरव अक्षरा से वादे करता है।
मंजरी अभिमन्यु से उसके सामने अक्षरा का नाम लेना बंद करने के लिए कहती है। वह अक्षरा पर कई लोगों की मौत का आरोप लगाती है। अभिमन्यु का कहना है कि मंजरी को पता है कि जीवन और मृत्यु भगवान के अलावा किसी के हाथ में नही है। वह कहते है कि मंजरी भगवान से नही लड़ सकती, इसलिए वह अक्षरा पर आरोप लगाते है। अभिमन्यु ने अक्षरा का समर्थन करने का फैसला किया। वह कहता है कि अक्षरा को उसकी जरूरत है। मंजरी पूछती है कि क्या रूही को उसकी ज़रूरत नही है। अभिमन्यु कहता है कि वह इस बार अक्षरा को दर्द में नहीं छोडेगा। मंजरी ने अभिमन्यु को आशीर्वाद देने से इंकार कर दिया। अभिमन्यु अपनी खातिर मंजरी से अपना ख्याल रखने के लिए कहता है।
अक्षरा को मनीष की बातें याद आती है। अभिमन्यु अक्षरा को रोकता है। वह मुझसे जाने के बारे में पूछता है। अक्षरा कहती है कि रूही को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। अभिमन्यु का कहना है कि रूही को दो परिवारों की देखभाल करनी है। वह अभीर, रूही और नवजात बच्चे का समर्थन करने का फैसला करता है। अक्षरा अभिमन्यु को वापस जाने के लिए कहती है। अभिमन्यु कहता है कि वह हर दिन अकेले नही जा सकती। वह अक्षरा के साथ रहने का फैसला करता है। अक्षरा अभिमन्यु से पूछती है कि क्या वह आने से पहले मनीष से मिला था। अभिमन्यु स्तब्ध खड़ा है।
मनीष को अपने पिता की घड़ी अक्षरा को देना याद है। अक्षरा घड़ी लेने मे झिझकती है। मनीष का कहना है कि अक्षरा घड़ी पाने की हकदार है। वह अक्षरा को घड़ी लेने के लिए मना लेता है। अक्षरा ने मनीष को एक ब्रोच गिफ्ट किया। अक्षरा सोचती है कि घड़ी केवल उसके और मनीष के बीच का संबंध है। मनीष अक्षरा द्वारा दिया गया ब्रोच तोड देता है। वह बाद में रोता है। मनीष को आरोही और अक्षरा की याद आती है। वह रूही की देखभाल करने का फैसला करता है।
अभीर अभिमन्यु से पूछता है कि क्या अक्षरा ने रूही की वजह से घर छोड़ा था। अभिमन्यु अभीर से अक्षरा की देखभाल करने में मदद करने के लिए कहता है। अक्षरा ने शहर छोडने का फैसला किया। अभिमन्यु कहते है कि उन्हें परिवार के करीब रहना चाहिए। रूही की खातिर अक्षरा ने परिवार के करीब रहने से इनकार कर दिया। शेफाली ने मंजरी को सांत्वना दी। वह कहती है कि अभिमन्यु वापस आएगा। मंजरी कहती है कि अभिमन्यु कभी वापस नही आएगा। -एपिसोड समाप्त।
प्रीकेप: अभीरा अक्षरा की तरह वकील बनना चाहती है। रूही अरमान से शादी करने का सपना देखती है। अभीरा और अरमान एक दूसरे से शादी कर लेते है।


