आज के एपिसोड में अभिमन्यु कहते है कि गोयनका परिवार इस घटना के बारे में बात नही कर रहे है ताकि उन्हें बुरा न लगे। उसे संदेह है कि पार्थ अकेले यह सब योजना नही बना सकता। अक्षरा पूछती है कि उसे ऐसा क्यो लगता है। अभिमन्यु कहते है कि पार्थ नाम लेने ही वाला था, लेकिन वह रुक गया। मनीष अप्रत्यक्ष रूप से मंजरी पर ताना मारता है।

अक्षरा अभिमन्यु के लैपटॉप और मोबाइल को छिपाने की कोशिश करती है। अभिमन्यु अक्षरा से पूछता है कि वह क्या कर रही है। अक्षरा कहती है कि वह चाहती है कि वह सो जाए, इसलिए उसका लैपटॉप और मोबाइल ले रही है। वह अभिमन्यु को सोने का आदेश देती है। अभिमन्यु अक्षरा को वहां मौजूद रहने के लिए धन्यवाद देता है। अक्षरा अभिमन्यु से पूछती है कि वह आजकल उसे धन्यवाद क्यो देता रहता है। अभिमन्यु दोषी महसूस करता है। अक्षरा को इस बात का दुख है कि उन्होने अपने रिश्ते को स्वीकार करने में समय लगाया। अभिमन्यु अपने बच्चे के लिए उसे चुनने के लिए अक्षरा को धन्यवाद देता है। अक्षरा और अभिमन्यु को आश्चर्य है कि उनकी शादी में इतनी बाधाएँ क्यो है। अभिमन्यु को लगता है कि उनकी यात्रा खूबसूरत है।

शेफाली अभिमन्यु से मिलने आती है। वह मंजरी को सच बताने का फैसला करती है। अक्षरा शेफाली से अनुरोध करती है। शेफाली बात को भटका देती है। अभिमन्यु ने अस्पताल को फोन किया। वह जानना चाहता है कि उसे फंसाने के लिए पार्थ के साथ साझेदारी में कौन था। आरोही अभिमन्यु को मंजरी से बात करने के लिए कहती है। वह कहती है कि चूंकि चेकबुक मंजरी की है, इसलिए वह बेहतर जानती होगी। अभिमन्यु को यह विचार पसंद आया। वह मंजरी से बात करने जाता है।

अभिमन्यु को सच बताने के लिए अक्षरा आरोही पर गुस्सा हो जाती है। आरोही कहती है कि अभिमन्यु को मंजरी की सच्चाई जाननी चाहिए। वह कहती है कि भविष्य में अगर मंजरी उसकी शादी तोड़ने की कोशिश करती है तो अभिमन्यु को तैयार रहना चाहिए। अक्षरा बनाम आरोही। उसे उम्मीद है कि मंजरी एक दिन उसके बच्चे को स्वीकार कर लेगी। आरोही कहती है कि मंजरी उसके बच्चे को कभी स्वीकार नही करेगी। अक्षरा सोचती है कि क्या अभिमन्यु को मंजरी की सच्चाई पता चलेगी।

अभिमन्यु की मुलाकात मंजरी से होती है। वह तय करता है कि उसकी गिरफ्तारी के पीछे मंजरी का हाथ है। वह मंजरी से भिड़ जाता है। मंजरी का सपना है कि अभिमन्यु उससे अपना रिश्ता तोड देगा। वह अभिमन्यु के लिए रोती है। वास्तविकता पर वापस: मंजरी यह समझाने की कोशिश करती है कि उसने अभिमन्यु को गिरफ्तार क्यो करवाया। अभिमन्यु बाहर चला गया। वह टूट जाता है। अक्षरा भावनात्मक रूप से अभिमन्यु का समर्थन करती है। अभिमन्यु अकेलापन महसूस करता है। अक्षरा हमेशा के लिए अभिमन्यु के साथ रहने का फैसला करती है।

शेफाली पार्थ को दूसरा कमरा संभालने के लिए कहती है। पार्थ शिवू के कमरे के पास रहने पर अड़ जाता है। महिमा मंजरी की ओर देखती है। सुहासिनी अभिमन्यु के लिए प्रार्थना करती है। वह भगवान से अभिमन्यु को खुशी देने की प्रार्थना करती है। अभिमन्यु और अक्षरा लौटते हैं। मनीष अभिमन्यु से कहता है कि अगर उसे कभी अकेलापन महसूस हो तो वह उसके पास आ जाए। स्वर्णा, कायरव, सुहासिनी, आरोही, सुरेखा और मुस्कान अभिमन्यु को अपना समर्थन देते हैं। अभिमन्यु स्तब्ध खड़ा है।

प्रीकैप: अक्षरा कहती है कि शिवू खुश है। शेफाली का कहना है कि शिवू कक्षा में प्रथम आया था। अभिमन्यु पूछता है कि शिवू उपहार के रूप में क्या चाहता है। शिवू अभिमन्यु से बिडला हाउस आने की मांग करता है। कुछ बेतरतीब लोगों ने अक्षरा और आरोही पर हमला कर दिया।