आज के एपिसोड में अभीर अक्षरा से कहता है कि वह उसके बालो को न छेडे। अक्षरा अभिमन्यु से पूछती है कि क्या अभीर उसकी तरह बन रहा है। अभिमन्यु कहता है कि जल्द ही अभीर उसके जैसा हो जाएगा। रूही आरोही से पूछती है कि वह गोयनका हाउस में कैसे उठी। आरोही का कहना है कि आज गोयनका हाउस में पूजा है। रूही कहती है कि वे मंजरी और महिमा के साथ बाद में आ सकते थे। मनीष ने बात भटका दी। रूही पूछती है कि स्वर्णा, सुहासिनी और कायरव कहाँ है। मनीष का कहना है कि वे पूजा के लिए मंदिर गए थे। रूही कहती है कि घर में पूजा होती है। मनीष का कहना है कि आज दो पूजाएं है। मुस्कान अभीर और रूही को अपने साथ ले जाती है। अभिमन्यु को आश्चर्य होता है कि वे बच्चों से सच्चाई कब छिपाएगे। अक्षरा कहती है कि यह आरोही का फैसला होगा। वह कहती है कि यह आरोही का फैसला है कि उसे कब सच बोलना है। अक्षरा का कहना है कि उन्होंने रूही जैसा बच्चा कभी नही देखा, जो भावनात्मक रूप से बुद्धिमान हो। अभिमन्यु खुश महसूस करता है।
अक्षरा और अभिमन्यु तैयार होने का फैसला करते है। अक्षरा को एक चौकाने वाला कॉल आता है। उसे पता चलता है कि बैक अक्षरा का कसौली स्थित घर और कार जब्त कर रहा है। अक्षरा परेशान हो जाती है। मंजरी को पता चलता है कि अक्षरा को कर्ज चुकाना है। अक्षरा मंजरी से पूछती है कि वह क्या कर रही है। मंजरी कहती है कि अक्षरा जितना चाहे उतना पैसा ले सकती है, लेकिन बदले में उसे अभिमन्यु को वापस देना होगा। अक्षरा यह जानकर दंग रह जाती है कि मंजरी अभिमन्यु को खरीदने के लिए पैसे की पेशकश कर रही है। मंजरी अक्षरा को समझाने की कोशिश करती है। अक्षरा ने मंजरी से अभिमन्यु को खरीदने से रोकने के लिए कहा, क्योंकि वह कोई संपत्ति नही है। मुस्कान मंजरी और अक्षरा की बातचीत सुन लेती है।
आरोही पूजा की तैयारी करती है। रूही ने पूजा को बर्बाद कर दिया। सुरेखा इसे अपशकुन बताती है। आरोही सुरेखा से अन्यथा न सोचने के लिए कहती है। मंजरी अक्षरा से अभिमन्यु को वापस करने के लिए कहती है। क्षण भर की गर्मी में अक्षरा नीचे गिर जाती है। मंजरी को दोषी ठहराया गया है। अभिमन्यु मंजरी को अक्षरा के करीब आने से रोकता है। आरोही और अभिमन्यु अक्षरा को अस्पताल ले जाते है। मंजरी गोयनका से पूछती है कि क्या उन्हे लगता है कि उसने जानबूझकर अक्षरा को चोट पहुंचाई है। मनीष ने मंजरी से नाता तोड लिया।
अभिमन्यु और आरोही को अक्षरा की चिंता होती है। महिमा अभिमन्यु से अक्षरा के बारे में पूछती है। आरोही पार्थ को हॉस्पिटल में देखती है। अक्षरा के डॉक्टर अभिमन्यु को बताते है कि अक्षरा का बच्चा ठीक नही है। पार्थ महिमा के साथ निदेशक मंडल की बैठक में शामिल हुए।
मंजरी शेफाली से उसे मंदिर ले जाने के लिए कहती है। वह अक्षरा के लिए प्रार्थना करने का फैसला करती है। अभिमन्यु अक्षरा से निपटने के बारे में मंजरी से पूछता है। मंजरी अभिमन्यु से पूछती है कि क्या वह सच में सोचता है कि उसने जानबूझकर अक्षरा को धक्का दिया। अभिमन्यु का कहना है कि मंजरी अभिनव का बच्चा नही चाहती। उनका कहना है कि अभिनव ने एक एहसान किया है और अब उसे लौटाने का समय आ गया है। अभिमन्यु का कहना है कि वह पहले ही बच्चे को स्वीकार कर चुका है। अभिमन्यु के जाने के बाद मंजरी रो पड़ी। अभिमन्यु अक्षरा के बच्चे के लिए भगवान से प्रार्थना करता है। मुस्कान भगवान से बच्चे को बचाने के लिए कहती है। -एपिसोड समाप्त
प्रीकैप: महिमा की पेशकश के कारण अभिमन्यु को नौकरी छोडनी पडी। अभिमन्यु की हालत के लिए अक्षरा खुद को दोषी मानती है।


