आज के एपिसोड में 13 दिन बाद अनुपमा समर के खिलौने और पुरानी चीजें देखती है। उसे याद है कि जब समर ने लिखना शुरू किया था तो सबसे पहले उसका नाम लिखा था। अनुपमा ने अपने नाम से ‘माँ’ हटा दिया। समर अनुपमा से सवाल करता है कि उसने अपने नाम से ‘माँ’। क्यों हटा दिया। अनुपमा का कहना है कि वह एक ‘माँ’ के रूप में असफल रहीं। समर अनुपमा से कहता है कि वह खुद पर उसकी मौत का आरोप लगाना बंद करे। उनका कहना है कि एक मां अपने बच्चे की लंबी उम्र की कामना तो कर सकती है, लेकिन वह इसे बढ़ा नही सकती। समर ने व्यक्त किया कि सभी को रोते हुए देखकर उसे दुख होता है। अनुपमा को पछतावा है कि वह समर को नहीं बचा पाई।

समर अनुपमा से कहता है कि वह उसकी मौत के लिए खुद को या अनुज को दोषी ठहराना बंद करे। वह आगे कहते हैं कि भगवान ने छोटी जिंदगी लिखी है और उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। समर अनुपमा और अन्य लोगों को उसकी मौत के सदमे से बाहर आने का आदेश देता है। वह अनुपमा को मुस्कुराते रहने के लिए कहता है। अनुपमा समर को देखकर मुस्कुराती है।
वास्तविकता पर वापस: अनुपमा ने समर से वादा किया कि वह उसे कोई दर्द नहीं सहने देगी। वह समर को याद करते हुए रोने नहीं बल्कि मुस्कुराने का फैसला करती है।

अनुपमा शाहों को पेय परोसती है। अनुपमा को देखकर शाह हैरान रह जाते हैं। अनुपमा शाह से पूछती है कि वे क्या सोच रहे है। लीला अनुपमा से पूछती है कि वह आसानी से कैसे आगे बढ सकती है। अनुपमा शाह से कहती है कि उसने समर की खातिर फैसला किया है कि वह अब नही रोएगी। वह शाहों को समर की इच्छा बताती है। अनुपमा समर को उसके पुनर्जन्म पर अच्छे जीवन की कामना करती है। वह समर की खातिर शाहों को मुस्कुराने के लिए कहती है। परितोष, हसमुख, लीला, वनराज, किंजल और काव्या मुस्कुराते है।

वनराज कहते हैं कि वे रोएगे नहीं, लेकिन डिंपल का क्या? अनुपमा डिंपल को सदमे से बाहर लाने का फैसला करती है। वह डिंपल को खुश करने का फैसला करती है। अनुज बिखर गया। अंकुश अनुज को समर की मौत से बाहर आने के लिए कहता है। वह अनुज को आगे बढने के लिए कहता है, क्योंकि जिंदगी किसी के लिए नहीं रुकती। अनुज ने बैठक में भाग लेने का फैसला किया। अंकुश अनुज से पूछता है कि अनुपमा कब वापस आएगी। अनुज बताता है कि अनुपमा उसे नजरअंदाज कर रही है। वह यह सोचकर डर जाता है कि अनुपमा उसे हमेशा के लिए त्याग देगी। अंकुश और अनुज अनुपमा को देखकर हैरान रह जाते हैं।

परितोष परी को संभालता है। परी लगातार रोती रहती है। डिंपल परी की मदद करती है। डिंपल और परी के रिश्ते को देखकर शाह मुस्कुराए। लीला कहती है कि वह डिंपल का दर्द नहीं देख पा रही है। वनराज कहते हैं, डिंपल की खातिर उन्हें मजबूत रहना होगा। अनुज अनुपमा से पूछता है कि क्या वह वापस आ गई है। अनुपमा अनु को उसके प्रोजेक्ट में मदद करने के लिए कपाड़िया हाउस जाने का खुलासा करती है। अनुज यह सोचकर बेचैन हो जाता है कि अनुपमा वापस नहीं आई। वह अंकुश और बरखा से अनुपमा को समझाने के लिए कहता है। अंकुश और बरखा अनुज से अनुपमा को कुछ समय देने के लिए कहते है।

प्रीकैप: अनुपमा और वनराज ने सोनू के खिलाफ मामला दर्ज कराया। अनुज अनुपमा का समर्थन करने का फैसला करता है। अनुपमा ने अनुज की मदद लेने से इनकार कर दिया। काव्या का गर्भपात हो जाता है।